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1d ago हिंदी
हाईकोर्ट ने परिणाम के बाद श्रेणी बदलने की मांग खारिज:चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती का मामला, कहा- आवेदन में सुधार का मौका नहीं उठाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती की एक अपील खारिज करते हुए परिणाम के बाद आवेदन में श्रेणी बदलने की मांग मानने से मना किया। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस संदीप शाह की बेंच ने कहा कि उम्मीदवार को गलती सुधारने के तय मौके मिले थे, पर उसने फायदा नहीं उठाया। याचिका लगाने वाली मुन्नी देवी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद के लिए आवेदन किया था। वह सामान्य वर्ग की विधवा श्रेणी में आवेदन करना चाहती थीं, पर ई-मित्र से आवेदन भरते समय गलती से ओबीसी लिख गई। भर्ती बोर्ड ने उन्हें ओबीसी विधवा श्रेणी में एडमिट कार्ड दिया, इसी में उन्होंने परीक्षा दी। परिणाम के बाद मुन्नी देवी ने श्रेणी सामान्य विधवा करने की मांग की। हाईकोर्ट ने पाया कि भर्ती विज्ञापन में आवेदन सुधार का मौका था, जिसका उपयोग उम्मीदवार ने नहीं किया। बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए साफ किया कि चयन प्रक्रिया में श्रेणी बाद में नहीं बदली जा सकती, और परिणाम के बाद श्रेणी बदलने की मांग का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने सिंगल बेंच के आदेश को सही मानते हुए अपील खारिज कर दी। कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से अधिवक्ता मनीष पटेल ने पक्ष रखा।