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13h ago
इस फेस्टिव सीजन Festive sale कैसे लगेगी? त्योहारों से पहले लोगों को झटका; 1 अक्टूबर से बढ़ेंगे Electronics Appliances के दाम
Electronic Appliances Hike 2026: त्योहारों के सीजन में अगर आप नया AC, TV, फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो बजट थोड़ा बढ़ाना पड़ सकता है. 1 अक्टूबर 2026 से कई बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंसेज की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है. कंपनियां अलग-अलग कैटेगरी में करीब 3 से 8 फीसदी तक दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं. इसकी वजह कॉपर, एल्युमीनियम, स्टील और प्लास्टिक जैसी कमोडिटी की बढ़ती लागत, महंगी लॉजिस्टिक्स और वेस्ट एशिया संकट के चलते करेंसी में उतार-चढ़ाव बताया जा रहा है. AC की कीमत में 5 से 8 प्रतिशत तक उछाल सबसे बड़ा असर AC की कीमतों पर देखने को मिल सकता है. इंडस्ट्री अधिकारियों के मुताबिकस AC के दाम करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ सकते हैं. इसकी बड़ी वजह कॉपर की कीमत में तेज बढ़ोतरी है, क्योंकि एक AC में करीब 3 से 4 किलो कॉपर का इस्तेमाल होता है. ब्लू स्टार के MD बी. त्यागराजन के मुताबिक AC और डीप फ्रीजर की कीमतें पहले ही 5 से 8 फीसदी बढ़ चुकी हैं और 2026 में यह कंपनी की तीसरी कीमत बढ़ोतरी है. TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन भी होंगे महंगे सिर्फ AC ही नहीं, बल्कि LED TV, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर पर भी असर पड़ेगा. कुछ कंपनियां इन कैटेगरी में 3 से 4 फीसदी तक दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ कंपनियां अभी लागत का आकलन कर रही हैं. Godrej एंटरप्राइजेज के अप्लायंसेज बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा कि कमोडिटी कीमतों में 8 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद इंडस्ट्री में कीमतों का एक और रिवीजन जरूरी हो गया है. उनके मुताबिक, अलग-अलग कैटेगरी में करीब 5 से 7 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है. कौन-कौन सी कंपनियां बढ़ा चुकी हैं दाम? ब्लू स्टार, Godrej अप्लायंसेज, Heir, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने अलग-अलग प्रोडक्ट कैटेगरी में 4 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की घोषणा या पुष्टि की है. LG और बॉश होम कम्फर्ट, तो हिताची ब्रांड के AC संभालती है, ने भी AC की कीमत करीब 5 फीसदी बढ़ाई है. वहीं Panasonic अभी स्थिति का आकलन कर रही है. डाइकिन इंडिया के चेयरमैन और MD कंवलजीत जावा के मुताबिक, कंपनी ने 16 सितंबर से ही कीमतों में 8 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी की है. जनवरी तक फिर बढ़ सकते हैं दाम Haier के सतीश के मुताबिक, कंपनी अक्तूबर से जनवरी के बीच कुल मिलाकर करीब 15 फीसदी तक कीमत बढ़ाने की योजना बना रही है. इसमें अक्तूबर में 5 फीसदी और जनवरी में 5 फीसदी की बढ़ोतरी शामिल है. उन्होंने बताया कि कॉपर की कीमत पिछले साल के करीब 8000 से 9000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर 14500 डॉलर तक पहुंच गई है. दिवाली से पहले खरीदारी का एक मौका अभी भी कंपनियों को डर है कि कीमत बढ़ने से त्योहारी मांग प्रभावित हो सकती है. हालांकि, डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अगस्त-सितंबर में पुरानी कीमतों पर काफी स्टॉक खरीदा है. यह इन्वेंट्री करीब एक से डेढ़ महीने तक उपलब्ध रह सकती है. यानी अक्तूबर के बाद भी कुछ जगह पुराने स्टॉक पर पुरानी कीमत का फायदा मिल सकता है. इंडस्ट्री के मुताबिक, ओणम से दशहरा और दीवाली तक का समय सालाना अप्लायंस बिक्री में करीब 30 से 40 फीसदी योगदान देता है. ऐसे में कंपनियों के लिए लागत बढ़ने के बीच त्योहरी मांग बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी.