MP-MLA ADR Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ( ADR ) और नेशनल इलेक्शन वॉच ( NEW ) की रिपोर्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 से 2026 के बीच चुनाव ( Election ) जीतने के बाद 111 सांसदों ( MPs ) और विधायकों ( MLA ) ने अपनी राजनीतिक पार्टी ( Political Party ) बदल ली। रिपोर्ट में लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चुनावों के साथ उपचुनावों को भी शामिल किया गया है। विश्लेषण के अनुसार, दल बदलने वालों में 26 लोकसभा सांसद ( Lok Sabha MPs ), 7 राज्यसभा सांसद ( Rajya Sabha MPs ) और 78 विधायक शामिल हैं। ADR ने उन मामलों को भी शामिल किया है, जिनमें नेताओं ने पार्टी बदली, दलों का विलय हुआ, इस्तीफे के बाद उपचुनाव (By-Election) जीते या अयोग्यता के बाद दोबारा चुनाव जीतकर आए। Nagaland में सबसे ज्यादा दल बदल के मामले रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड ( Nagaland ) में सबसे ज्यादा 32 विधायकों के पार्टी बदलने के मामले सामने आए। इनमें अधिकतर मामले नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी ( NDPP ) और नागा पीपल्स फ्रंट ( NPF ) से जुड़े रहे। ADR के मुताबिक, NDPP से चुनाव जीतने वाले 25 विधायक बाद में दल बदलने वालों में शामिल रहे। इसके बाद कुल 32 विधायक NPF में शामिल हुए। यह भी पढ़ें: October Bank Holiday: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, RBI ने जारी की छुट्टियों की पूरी लिस्ट West Bengal में 20 सांसदों ने बदली पार्टी पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में दल बदल के 20 मामले सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी सांसद पहले ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) के टिकट पर चुनाव जीते थे और बाद में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ( NCPI ) में शामिल होने का दावा किया। इन सांसदों के NCPI में विलय का मामला अभी लोकसभा अध्यक्ष ( Lok Sabha Speaker ) के पास विचाराधीन बताया गया है। मेघालय में 8 विधायकों ने बदला पाला हाल ही में मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ( UDP ) के 8 विधायक बीजेपी में शामिल हुए थे। इनमें लखमेन रिम्बुई, पायस मारवेन, किर्मेन श्यल्ला, मायरालबॉर्न CM समेत अन्य विधायक शामिल थे। यह भी पढ़ें: MP Pensioners Controversy: एमपी में वित्त विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, स्थगन की कार्रवाई पर पेंशनर्स नाराज, CM से पेंशन एरियर्स भुगतान की गुहार
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