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252 image-based verified stories from across India

General 21h ago हिंदी
मुजफ्फरनगर के लच्छेड़ा गांव में बेटे से झगड़े का विरोध करने पर मां-बेटे को लाठी-डंडों से पीटा, चार पर मुकदमा दर्ज
मुजफ्फरनगर के लच्छेड़ा गांव में बेटे से झगड़े का विरोध करने पर मां-बेटे को लाठी-डंडों और धारदार हथियार से पीटने का मामला सामने आया है। मंसूरपुर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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General 21h ago
AI and cybersecurity weekly: Gemini hacks into three companies, OpenAI agent hacks into Australian govt website, more
Apart from this, OpenAI has shared new privacy features for ChatGPT and an unpatched bug in OnePlus 15 can lead an app to gain root priviledges.
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General 21h ago
TCO Outage, Pending Contract Rollover Driving Natural Gas Volatility
A pipeline leak in the heart of the Appalachian natural gas patch exacerbated typical expiration week volatility in the natural gas futures market, with nearly 1.8 million Dth/d of firm takeaway capacity expected to remain offline through the weekend.
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General 21h ago
GEM Veeramani case: SIT investigation ordered; detailed ground report | Shabbir Ahmed | TNM Tamil
GEM Veeramani case: SIT investigation ordered; detailed ground report | Shabbir Ahmed | TNM Tamil
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General 21h ago
Special Report| From Jagannath to Market: How PM Modi’s Memento Auction is Propelling Odisha’s Artisans into National Spotlight Boosting Cultural Economy
PM Modi’s mementos auction puts Odisha’s Jagannath, Pattachitra and craft traditions before a national audience. Can cultural visibility boost artisa
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General 21h ago हिंदी
मोकामा रेल पुल पर काम का असर 82 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित
पटना। बिहार के मोकामा में गंगा नदी पर बने नए रेल पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए चल रहे तकनीकी कार्य का असर बड़ी संख्या में ट्रेनों के परिचालन पर पड़ रहा है। शनिवार को इस रेलखंड से गुजरने वाली 51...
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General 21h ago हिंदी
मणिपुर में हिंसा के बीच केंद्र का बड़ा कदम: 13 थाना क्षेत्रों को छोड़ पूरा राज्य 6 महीने के लिए 'अशांत' घोषित, फिर लागू हुआ कड़ा AFSPA कानून
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जातीय संघर्ष, गोलीबारी और ड्रोन हमलों से उपजे तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त कानूनी कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए इंफाल घाटी के 13 चुनिंदा पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर समूचे मणिपुर राज्य को अगले 6 महीने के लिए 'अशांत क्षेत्र' (Disturbed Area) घोषित कर दिया है। सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम, 1958 यानी अफस्पा (AFSPA) की धारा 3 के तहत जारी यह नया आदेश 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा। घाटी और पहाड़ी जिलों के बीच जारी रस्साकशी, हिंसक झड़पों और उग्रवादी गतिविधियों को देखते हुए सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, असम राइफल्स) को आतंकवाद विरोधी अभियानों के संचालन के लिए पूर्ण कानूनी अधिकार दिए गए हैं। केंद्र सरकार की अधिसूचना: 1 अक्टूबर से 6 महीने तक लागू रहेगा AFSPA गृह मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्रित अधिसूचना (Gazette Notification) में स्पष्ट किया गया है कि राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा एजेंसियों की ग्राउंड रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। मणिपुर में जारी आंतरिक अशांति, हथियारों की अवैध तस्करी और सुरक्षा बलों पर हो रहे घात लगाकर हमलों को काबू में करने के लिए सेना और असम राइफल्स की जमीनी मौजूदगी अनिवार्य समझी गई है। अधिसूचना के अनुसार, यह विस्तार 1 अक्टूबर से शुरू होकर अगले 6 महीनों तक प्रभावी रहेगा। कानून के तहत अशांत घोषित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को बिना वारंट के तलाशी लेने, संदिग्धों को हिरासत में लेने और शांति भंग करने वाले सशस्त्र उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई करने के विशेष अधिकार प्राप्त हो जाते हैं। किन 13 थाना क्षेत्रों को रखा गया है AFSPA के दायरे से बाहर? केंद्र सरकार ने राज्य के पांच घाटी जिलों के अंतर्गत आने वाले 13 पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र को इस 'अशांत क्षेत्र' टैग से बाहर रखा है। इन इलाकों में स्थानीय नागरिक प्रशासन और राज्य पुलिस सामान्य कानूनों के तहत व्यवस्था बनाए रखेगी: इंफाल पश्चिम (Imphal West): इंफाल, लाम्फेल (Lamphel), सिटी, सिंगजामेई (Singjamei) और पटसोई (Patsoi) पुलिस स्टेशन क्षेत्र। इंफाल पूर्व (Imphal East): पोरोमपाट (Porompat), हेइगांग (Heingang) और इरिलबंग (Irilbung) पुलिस स्टेशन क्षेत्र। थौबल जिला (Thoubal): थौबल पुलिस स्टेशन क्षेत्र। बिष्णुपुर जिला (Bishnupur): बिष्णुपुर और नंबोल पुलिस स्टेशन क्षेत्र। काकचिंग जिला (Kakching): काकचिंग और वांगोई (Wangoi) से जुड़े चिन्हित क्षेत्र। इन 13 पुलिस थानों को छोड़कर राज्य के सभी 9 पहाड़ी जिले और घाटी के बाकी संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में अफस्पा का कड़ा सुरक्षा कवच लागू रहेगा। क्यों लिया गया यह सख्त फैसला: ड्रोन हमले और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल मणिपुर में बीते महीनों के दौरान हिंसा के तौर-तरीकों में आए खतरनाक बदलावों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी और घाटी के बफर जोन्स में न केवल स्वचालित राइफलों (Automatic Rifles) से गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं, बल्कि उग्रवादी गुटों द्वारा रिहायशी बस्तियों और सुरक्षा चौकियों पर देशी ड्रोनों के जरिए आरडीएक्स और मॉडिफाइड मोर्टार बम गिराने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, सुरक्षा बलों से लूटे गए अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी न होना और म्यांमार सीमा से हथियार-ड्रग्स की घुसपैठ चिंता का बड़ा सबब बनी हुई है। खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी थी कि अगर सेना को विधिक सुरक्षा और पूर्ण ऑपरेशनल छूट नहीं दी गई, तो आगामी हफ्तों में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है। क्या है AFSPA और सुरक्षा बलों को इससे क्या मिलते हैं विशेषाधिकार? सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (Armed Forces Special Powers Act - AFSPA) 1958 में पूर्वोत्तर के अशांत राज्यों में आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए बनाया गया एक विशेष केंद्रीय कानून है। जब किसी इलाके को धारा 3 के तहत 'अशांत' घोषित किया जाता है, तो सेना को निम्न अधिकार मिलते हैं: सशस्त्र कार्रवाई का अधिकार: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चेतावनी देने के बाद बल प्रयोग या संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों पर कार्रवाई करने की छूट। बिना वारंट तलाशी और जब्ती: किसी भी ऐसे ठिकाने की तलाशी लेना जहां हथियार छिपाए जाने या अपराधियों के पनाह लेने का अंदेशा हो। बिना वारंट गिरफ्तारी: संज्ञेय अपराध करने वाले या संदेह के घेरे में आए व्यक्तियों को बिना वारंट हिरासत में लेने का अधिकार। विधिक सुरक्षा: केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना इन कार्रवाइयों को लेकर सुरक्षा बलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सकता। नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बढ़ा अफस्पा गृह मंत्रालय ने मणिपुर के अलावा पूर्वोत्तर के दो अन्य राज्यों—नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के चुनिंदा जिलों में भी अफस्पा की अवधि को 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। नगालैंड के 8 जिलों और कई अन्य थाना क्षेत्रों सहित अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिलों को भी अशांत क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि पूर्वोत्तर में शांति और संप्रभुता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अलगाववादी या विद्रोही समूह को बख्शा नहीं जाएगा।
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General 21h ago हिंदी
यूएनजीए: समुद्री क्षेत्रों की स्थिरता और द्वीपीय देशों की संप्रभुता की निरंतरता की भारत ने की वकालत
न्यूयॉर्क, 25 सितंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में भारत ने समुद्र के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न खतरों पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में समुद्री क्षेत्रों की स्थिरता और द्वीपीय तथा तटीय देशों की संप्रभुता की निरंतरता की वकालत की।
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General 21h ago
File counter affidavit in plea over local candidate status in MDS admissions: HC to government
Telangana HC asks government to file counter in plea challenging non-local status for MDS admission, citing Presidential Order 1974 criteria.
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Bhopal Congress Leader Suicide: भोपाल में कांग्रेस के पूर्व पार्षद की मौत, बीमारी के बीच उठाया ये कदम
Bhopal Congress Leader Suicide : राजधानी भोपाल में कांग्रेस के पूर्व पार्षद मुकेश गजभिए की मौत का मामला सामने आया है। अवधपुरी थाना पुलिस के अनुसार, मुकेश गजभिए ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या ( Bhopal Congress Leader Suicide ) कर ली। मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इलाज के बीच उठाया कदम (Bhopal Congress Leader Suicide) शुरुआती जानकारी के अनुसार, मुकेश गजभिए लंबे समय से सिकल सेल बीमारी (Sickle Cell Disease) से परेशान थे। उनका करीब दो महीने से इलाज चल रहा था। पुलिस जांच में बीमारी को एक संभावित कारण के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि मामले में पुलिस ने अभी तक आत्महत्या की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं की है। अस्पताल जाने से पहले हुई घटना (Bhopal Congress Leader Suicide) पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को मुकेश की पत्नी उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने घर में यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शुरू की जांच (Bhopal Congress Leader Suicide) अवधपुरी थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी। जांच के बाद साफ होगी स्थिति पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी आत्महत्या के पीछे की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी सामने आएगी। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल मामले में जांच जारी है। ये खबर भी पढ़ें : MP Teacher Bharti: एमपी में जल्द होगी शिक्षकों की बंपर भर्ती, स्कूल शिक्षा विभाग ने की तैयारी, जानें पूरा प्लान
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General 21h ago हिंदी
Sonbhadra News-बिरसा मुंडा विद्यालय में गूंजा वंदेमातरम्, 175 छात्रों ने किया सामूहिक गायन
Sonbhadra News:बभनी विकास खंड स्थित सेवा कुंज आश्रम कारीडाड़-चपकी के बिरसा मुंडा सरस्वती विद्या मंदिर में शुक्रवार को सामूहिक वंदेमातरम् गायन का आयोजन किया गया। विद्या भारती, अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा नमामि भारतम् अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 175 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि डॉ. ब्यास … The post Sonbhadra News-बिरसा मुंडा विद्यालय में गूंजा वंदेमातरम्, 175 छात्रों ने किया सामूहिक गायन first appeared on Ek Sandesh . The post Sonbhadra News-बिरसा मुंडा विद्यालय में गूंजा वंदेमातरम्, 175 छात्रों ने किया सामूहिक गायन appeared first on Ek Sandesh .
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General 21h ago हिंदी
Kota New Mayor Video: कोटा की नवनिर्वाचित मेयर अनुसुइया गोस्वामी का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर डोटासरा ने कसा तंज, उठाए सवाल
Kota New Mayor Video : कोटा नगर निगम को नई मेयर मिलीं. भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने 30 वोटों से कांग्रेस की सुनीता सुमन को हराया. अनुसुइया ने कहा कि आम जनता सीधे उनके ऑफिस आकर समस्या बता सकेगी. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर पोस्ट कर अनुसुइया गोस्वामी की एक तस्वीर को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. डोटासरा ने पोस्ट में लिखा कि ये तस्वीरें जनता के जनादेश और लोकतंत्र को लज्जित करने वाली हैं.
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